इतनी गोपियां क्योंlकृष्ण ने गोपी के वस्त्र क्यूं चुराएl (Gopi cheer(vastra) haran Leela)

 इतनी गोपियां क्यों?

कृष्ण को लेकर एक सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर इतनी गोपियां क्यों? कृष्ण के पास इतनी गोपियां थी क्योंकि गोपियां कृष्ण की भक्ति के कारण परमात्मा में लीन होना चाहती थीं. कई लोककथाओं में इन गोपियों को जीवात्मा भी कहा जाता है जो परमात्मा से मिलना चाहती थीं. रास लीला को भी लोग गलत तरह से लेते हैं और इसे भी एक दैवीय घटनाक्रम ही मानना चाहिएl   (गोपियों का श्री कृष्ण के प्रति जो प्रेम थl)गll"पियों का श्री कृष्ण के प्रति जो प्रेम था, उसमें भोग की वासना का लेश भी नहीं थाlकृष्ण ने अपने साहचर्य एवं संसर्ग से गोपियों को इन्द्रियों के परे ले जाकर उस शाश्वत्‌ आनन्द की झलक दिखलाई।"

राधा रानी संग गोपियां स्नान करने के लिए यमुना के जल में नहाने जाती हैं। गोपियां जल में अठखेलियां करती हैं। जो भगवान श्रीकृष्ण को नागवार गुजरता है। गोपियों को अपने तरफ ध्यान आकृष्ट करने के लिए मधुर स्वर में बासुरी बजाते हैं। बासुरी के धुन सुनकर गोप कन्याओं का तंद्रा भंग होती है। वे इधर-उधर देखती हैं। सहसा उनका ध्यान कदम्ब के वृक्ष पर जाता है। जहां भगवान श्रीकृष्ण उनका वस्त्र लिये मंद-मंद मुस्कुरा रहे हैं। गोपियां अपना वस्त्र मांगती हैं लेकिन, वे वस्त्र देने से इंकार करते हैं। जिससे गोपियां भगवान श्रीकृष्ण को धमकियां देती हैं कि इसकी शिकायत बाबा नंद, मां यशोदा व राजा कंस से करेंगी। हालांकि गोपियों के काफी मनुहार के बाद श्रीकृष्ण मान जाते हैं व गोपियों को एक-एक करके जल से बाहर आने की बात कहते हैं और सभी के वस्त्रों को लौटाते हैं। वहीं भगवान श्रीकृष्ण गोपियों को यह नसीहत देते हैं कि जल में भगवान वरूण का वाश होता है। इसलिए जल में नंगा स्नान करना महा पाप है। वहीं वस्त्रों को लौटाने के बाद श्रीकृष्ण की जय-जयकार होती है। 

गोपियों का श्री कृष्ण के प्रति जो प्रेम था

कृष्ण अनेक पत्नियों के स्वामी होते हुए भी ब्रह्मचारी थे, यह बात तो उपर्युक्त शास्त्रीय व्यवस्था के अनुसार मानने में आ सकती है, परन्तु गोपियों के साथ जो उनका संबंध था, उसमें यह बात लागू नहीं हो सकती, क्योंकि उनका विवाह दूसरे पुरुषों के साथ हो चुका था।


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